बांसवाड़ा, 31 मई/जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (स्वतंत्र प्रभार) उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग राज्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा है कि ग्रीष्म ऋतु में ही बिजली और पेयजल आपूर्ति की परिस्थितियां कठिन होती है ऐसे में अधिकारी बिजली और पेयजल आपूर्ति सुचारू बनावें, हमारी जिम्मेदारी है कि इस माध्यम से हम जनता की मदद करें, उनके सुख-दुख में भागीदार बनें।
राज्यमंत्री बामनिया शुक्रवार को यहां कलेक्ट्रेट सभागार में बिजली और पेयजल आपूर्ति से संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
प्रोजेक्ट पूरे और जनता प्यासी, यह ठीक नहीं:
राज्यमंत्री ने जिले में पेयजलापूर्ति से संबंधित पांच प्रोजेक्टों की समीक्षा की और सुरवानिया से 82 गांवों को शुद्ध जलापूर्ति के लिए पूर्ण हो चुकी पेयजल परियोजना में बोड़ीगामा, माल, पाटन, शंभुपुरा, काजेलापाड़ा आदि कई गांवों में पेयजल नहीं पहुंचने या कम प्रेशर से पहुंचने की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने 82 गांवों की योजना को मूल रूप में 96 गांवों की योजना बताया तथा मूल योजना में शेष रहे गांवों को जोड़कर लाभांवित करने की बात कही। इसी प्रकार 334 गांवों को माहीडेम से जलापूर्ति की योजना में भी केसरपुरा,नलदा, खेड़ा वड़लीपाड़ा, सालिया, नादरामाल आदि गांवों मंे जलापूर्ति संबंधित शिकायतों की जानकारी दी। इस पर जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल पेयजलापूर्ति की पुख्ता व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री बामनिया ने कहा कि ऐसे समस्त गांवों में विभाग अपनी टीम बनाते हुए जलापूर्ति की जांच करें तथा जलापूर्ति सुचारू करवाएं। इसी तरह राज्यमंत्री ने शहर में गंदे पानी की आपूर्ति के मामले मंे भी माही और पीएचईडी के अधिकारियों को कार्यवाही कर स्थायी समाधान के निर्देश दिए।
टेंकरों से जलापूर्ति की भी जांच हो:
समीक्षा बैठक दौरान राज्यमंत्री बामनिया ने जिले में पेयजल परियोजना से वंचित गांवों में जलापूर्ति के लिए टेंकरों से जलापूर्ति की भी समीक्षा की। विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि छोटी सरवन क्षेत्र के 22 गांवों व 16 ढाणियों में 19 टेंकरों से 73 ट्रीप जलापूर्ति हो रही है। बैठक में कुशलगढ़ विधायक रमीला खड़िया ने घाटा क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्थाएं नहीं होने की जानकारी दी तथा पशुधन के लिए जलापूर्ति करवाने की व्यवस्था के लिए राज्यमंत्री से आग्रह किया। राज्यमंत्री ने इस दौरान पशुओं के पेयजल के लिए आपूर्ति की व्यवस्था के लिए विकास अधिकारियों के माध्यम से जलकुण्ड स्थापित करने की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट किया कि जलापूर्ति की वजह से पशुधन का नुकसान न होने पाए। उन्होंने टेंकरों से जलापूर्ति के भौतिक सत्यापन और आवश्यकता होने पर तत्काल जलापूर्ति के लिए टेंकर प्रारंभ करने को कहा। राज्यमंत्री ने इस दौरान कुशलगढ़ क्षेत्र के लिए स्वीकृत 399 गांवों की पेयजल योजना की प्रगति के बारे मंे भी जानकारी ली। कलक्टर गुप्ता ने भी विभागीय अभियंताओं को क्षेत्र में लगातार विजीट करने और सर्वे करते हुए जलापूर्ति की उचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
एक फोन करो और हेंडपंप खुदवा दो:
बैठक दौरान राज्यमंत्री बामनिया ने पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता को कहा कि जिलेवासियों की पेयजल संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने टीएडी से हेंडपंपों की स्वीकृति दी है ऐसे में अधीक्षण अभियंता खुद क्षेत्र में जावें और जहां भी उन्हें आवश्यकता लगे और वहां हेंडपंप खोदने योग्य जमीन हो तो टीएडी परियोजना अधिकारी को एक फोन करें व हेंडपंप खुदवा लें। जलापूर्ति के लिए धन की कमी नहीं है, इसकी राशि का भुगतान हो जाएगा। कलक्टर ने राज्यमंत्री द्वारा की गई इस व्यवस्था को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सर्वश्रेष्ठ माध्यम बताया और इसके लिए विभाग के एसई को पूरी संवेदनशीलता से जुटने को कहा। इस दौरान राज्यमंत्री ने पनघट योजना में भी राशि की उपलब्धता की जानकारी देते हुए इसके लिए प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।
बिजली-पानी के लिए आबापुरा व छोटी सरवन में होगी जनसुनवाई:
बैठक दौरान राज्यमंत्री बामनिया ने बिजली और पेयजलापूर्ति के संबंध मंे जनता की समस्याओं के त्वरित और मौके पर ही निस्तारण के लिए आबापुरा और छोटी सरवन तहसील मुख्यालय पर दोनों विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में सोमवार और मंगलवार को जनसुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित करने के निर्देश दिए और कहा कि वे इस दौरान क्षेत्रवासियों की समस्याओं को सुनते हुए समाधान करवाएंगे।
बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें:
राज्यमंत्री बामनिया ने इस मौके पर जिलेभर में बिजली की नियमित आपूर्ति के लिए विद्युत लाईनों के मेंटेनेंस करने तथा लोड बढ़ने की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने को कहा। उन्होंने गढ़ी क्षेत्र में दो माह पूर्व बिजली के तार टूटने से मवेशियों की मौत को दुखद बताया और कहा कि विभाग को जिलेभर में टीम लगाते हुए मानसून से पूर्व ही बिजली लाईनों की मरम्मत करनी चाहिए। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में भी जानकारी ली तथा नवीन बिजली कनेक्शनों की प्रगति के बारे में भी पूछा।
बैठक दौरान कुशलगढ़ विधायक रमीला खड़िया, गढ़ी प्रधान लक्ष्मणलाल डिण्डोर, एडीएम राजेश वर्मा व समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
![]() |
| बांसवाड़ा/कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिला कलक्टर व अन्य अधिकारियों के बिजली व पेयजल आपूर्ति की समीक्षा बैठक लेते राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया। |
![]() |
| बांसवाड़ा/कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिला कलक्टर व अन्य अधिकारियों के बिजली व पेयजल आपूर्ति की समीक्षा बैठक लेते राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया। |







No comments:
Post a Comment